रसोई गैस की लगातार दर वृद्धी को ले कर निकाली गैस सिलेंडर की अर्थी
राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस पार्टी का मोदी सरकार के विरोध में चुल्हा जलाओ आंदोलन।
भिवंडी रसोई गैस की आसमान छुती किमतों में दिन ब दिन वृद्वी के विरोध में राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस पार्टी भिवंडी की तरफ से बाला कंपाउण्ड स्थित डोलारे पेट्रोल पंप के निकट प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के उज्जवला गैस योजना के बैनर तले चुल्हा जलाओं आंदोलन किया गया ! तथा गैस सिलेंडर व बाईक की अर्थी निकाल कर मोदी सरकार के विरुद्ध अपना रोष प्रकट किया । चुल्हा जलाओ आंदोलन का नेतृत्व महिला शहराध्यक्ष स्वातीताई कांबले,वरिष्ठ नेता जावेद फारुकी , व मुमताज अंसारी ने की। सोशल डिस्टेंशीन की गाईड लाईन को ध्यान में रखते हुए आंदोलन मे सिर्फ कुछ ही पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को सहभागी किया गया था ।
राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रुपाली चाकणकर के आदेशानुसार आज पूरे महाराष्ट्र में मोदी सरकार के उज्जवला योजना के अंर्तगत प्रत्येक पेट्रोल पंप पर लगाये गये मोदी के बैनर तले चुल्हा जलाओ आंदोलन किया जा रहा है ज्ञात हो की केंद्र की बी जे पी सरकार ने सिर्फ फरवरी के महीने में तीन मर्तबा रसोई गैस की दर में वृद्धी करके सर्व सामान्य जनता की कमर तोड कर रख दिया है, रसोई गैस की वृद्धी की मार सबसे ज्यादा गृहणी वर्ग पर पड रही है जिसके कारण अब महिलाओं को घर की गाडी चलाना मुश्किल से मुश्किल होती चली जा रही है - ४,फरवरी को केंद्र सरकार ने रु. २५ /- १५,फरवरी को रू.५०/- की और २४,फरवरी को रु.२५/- की रसोई गैस के दामों में वृद्धी की है । जिसके कारण ४ फरवरी को सिलिंडर की दर जो ६९४ /-रू थी बढकर ७१९/- १५_फरवरी को रु.७६९/-तथा २४ फरवरी को बढकर रु ८१९/- हो गया । पिछले ३ महिनों केंद्र सरकार ने अबतक कुल मिलाकर रसोई गैस में रु. २००/- से अधिक की वृद्धी की है । १ दिसंबर से पहले रसोई गैस का रु. ५९४ /- मिलने वाला सिलेंडर आज रु.८१९/- में मिल रहा है । जो की सोचने का विषय है ।
महिला शहराध्यक्ष स्वातीताई कांबले ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया की केंद्र की मोदी सरकार हर महाज पर नाकाम साबित हो रही है , पिछली सरकार की ७० सालों की धरोहर को जिस प्रकार यह नालायक और निकम्मी सरकार कार्पोरेटर जगत के हाथों बेच कर बर्बाद कर रही है अगर यही स्थित रही तों पूरे भारत की दौलत चंद लोगों के बीच सिमट कर रह जायेगी बाकी लोगों के हाथों में सिर्फ कटोरा रह जायेगा । अब समय आ गया है कि ऎसी निकम्मी सरकार को जल्द से जल्द ऊखाड कर फेकना आवश्यक हो गया है । जावेद फारुकी, मुमताज अंसारी,समीर पटेल,इरफान मोमिन,शशिकांत यादव,शेख अफरोज , सरवर अंसारी ,स्वप्निल शिदॆ
महिला पदाधिकारियों में अनीसा पटेल, ललिता पांचाल ,अल्का गायकवाड, शमीम निसार अंसारी व अन्य पदाधिकारियों ने आंदोलन को सफल बनाने में योगदान किया ।
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